कविताएँ

ग़ज़ल १०..ऐ दोस्त

ऐ दोस्त ! राजे- गम सीने  में छुपाये रखना ,
बस अपने होने का माहौल बनाये रखना...

जिन्दगी खुशबुओं की राह आ जाएगी ,
हर साँस को गुलशन  में सजाये रखना..

इसी से  तुझको उजाले मिलेंगे फुरकत में ,
वफ़ा की राह में एक शमां जलाये रखना ...

इश्क या प्यार मोहब्बत फ़क्त अल्फाज नहीं,
ये नेअमते खुदा हैं इन्हें दिल से लगाये रखना..

चांदनी रात तलाशेगी तुझको ऐ "रंजन ",
चाँद सा चेहरा निगाहों में बसाये रखना ...