कविताएँ

कता..२

उनके आने का आहम फजाओं में है..

   पैगामे-मोहब्बत खुशबु हवाओं में है..
   हदुदे शौक से आगे नाम है उनका ..
    तफसीरे -मोहब्बत हर अदाओं में है..
    (आहम= संगीत , हदुदे शौक=प्रेम की सीमा , तफसीर = व्याख्या )
    राजेंद्र रंजन ..