कविताएँ

कविता ..

भारतीय सार-समाचार :-
कंही सत्ता छुटी तो ..
कही दलों/ दिलों का बंटवारा ..
उधर मंगल-यान छुटा..
इधर शेयर बाजार गिर गया यारा ..
किसी ने एशियाड में जीता ..
तो किसी को साख-सब्जी ने मारा..
कंही कोयले की दलाली में जड़े ताले ..
तो कंही सोना-चांदी का हुआ उतारा ..
कंही ब्रेकिंग न्यूज़ की चमक ..
कंही चिड़िया-घर में शेर ने मारा ..
चीन-जापान और अब अमेरिका ..
गायेगा हिन्दोस्तां है सबसे प्यारा ..
अपनी बात तो हमने लिख दी दोस्तों..
सच्ची बताओ क्या हाल है तुम्हारा ..
राजेंद्र रंजन..