कविताएँ

gazal..33..दिल से दर्द का रिश्ता पुराना है.

दिल से दर्द का रिश्ता पुराना है..
तूने ही नहीं हमने भी जाना है..

सच  है कि हम दर्द से रोते नहीं..
हमें तो दर्द का जश्न मनाना है..

एक दिन बुझेगी आग नफरत की.
हमें तो ख़ुशी गीत गुनगुनाना है..

बड़ों को बड़ा कहना बड़ी बात नहीं..
हमें तो छोटों को भी गले लगाना है..

खुशियों की खुशबु फैला " ऐ-रंजन " ..
दर्द का क्या ? बस आना-जाना है..

राजेंद्र रंजन .