कविताएँ

gazal..36..हर लम्हें का अहसास कर प्यारे ..

हर लम्हें का अहसास कर प्यारे ..
अपना मन निराश न कर प्यारे..
मिट जाएगी मजबूरियां एक दिन ..
अपना चेहरा उदास न कर प्यारे ..
बे-वफा से वफ़ा की क्या उम्मीद ..
हर किसी का विश्वास न कर प्यारे..
काली दौलत सत्ता और दादागिरी ..
बस बुलबुले हैं प्यास न कर प्यारे ..
हर सफलता सब्र मांगती है ' रंजन '
अपनी आशा को हताश न कर प्यारे..
राजेंद्र रंजन ..