कविताएँ

gazal..42.साज़िशे -दौर में अमन आए कैसे ..

साज़िशे -दौर में अमन आए कैसे ..
घने कुहरे में गगन दिखाए कैसे ..


खुशनुमा जिन्दगी की चाहत में..
बिरहा के गीत कोई गाए कैसे ..

जिसे देखो देवता बना फिरता है..
आदमी होकर पहले दिखाए कैसे ..

होश रहते तो इश्क होता क्या ..
बेहोशी की दास्तां सुनाए कैसे ..

किसे भला कहें और किसे बुरा..
बे-वफ़ा के किस्से सुनाए कैसे ..

राजेंद्र ..